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हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम रॉयल सिहं है और मेरी उम्र 21 साल है। दोस्तों आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ.. अगर मुझसे इसमें कोई गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें। यह कहानी मेरी और मेरी भाभी जो कि अब मेरी मालकिन बन चुकी है.. उनकी चुदाई के ऊपर आधारित है। मेरी भाभी एकदम सेक्सी गोरी चिट्टी है। जिसके इतने गोरे बूब्स है कि दूध का रंग भी मेरी भाभी यानी कि मेरी मालकिन के बूब्स के आगे फीका लगने लगे। दोस्तों में हमेशा अपनी भाभी के बूब्स को देखा करता था और सोचता रहता था कि काश में भी इन बूब्स को चूसकर अपनी प्यास बुझाऊँ। भाभी की गांड तो गोल गोल तरबूज जैसी हो गयी थी.. जब भी भाभी झुकती तो में भाभी के बूब्स देखने के लिए तैयार रहता और भाभी ने उनके बूब्स को देखते हुए शायद मुझे देख लिया था.. इसलिए वो जानबूझ कर अपने बूब्स दिखाने की कोशिश करती थी।

फिर भाभी जब भी नहाती थी तो में उनके नहाने के बाद उनके बाथरूम में घुस जाता था और उनकी ब्रा जो की 36 नंबर की थी और में उनकी पेंटी को जमकर चूसता था और उनकी पेंटी में तो ना जाने उनकी चूत के रस की ऐसी क्या सुगंध थी कि में कई कई बार तो पेंटी को अपने मुहं में पूरा डाल लेता था। उनकी बाजुओ के नीचे के हिस्से में से जो सुगंध थी वो में उनके कपड़ो में से सूंघता था। भाभी के जिस्म की मदहोश कर देने वाली खुश्बू में उनके कपड़ो में सूंघता था और में कई बार अपनी भाभी को कपड़े बदलते हुए भी देख चुका था। फिर इतनी गोरी और सेक्सी भाभी का देवर होने के नाते मेरा लंड भी खड़ा हो जाता था। एक दिन भाभी अपने कपड़े बदल रही थी तो में खिड़की में से भाभी के बूब्स और उनकी गोरी और मोटी गांड को देख रहा था और भाभी की गोरी गांड को देखते ही मेरे मुहं में पानी आ गया और में उनकी गांड देखकर मदहोश सा हो गया था।

हो सकता है कि शायद मेरी भाभी के गोरे चूतड़ो ने मुझे दीवाना बना दिया था और में उनके चूतड़ो को चाटने के ख्याल मन ही मन सोचने लगा और में इन ख्यालो में खो गया और में ख्यालो से तब बाहर आया जब मेरी भाभी यानी मेरी मालकिन ने अपने कमरे से बाहर आकर मुझे एक जोरदार चांटा मेरे मुहं पर मारा। तो मेरे तो होश ही उड़ गए इतना ज़ोर से चांटा मारने के बाद भाभी का मुहं पूरा गुस्से से लाल था और वो मुझे बालों से घसीटते हुए अपने कमरे में ले गयी और उन्होंने मुझे खींचकर एक और चांटा मारा और बोली कि तुम्हारी इतनी हिम्मत कि मुझे खिड़की से कपड़े चेंज करते हुए देख रहे थे.. यह तो अच्छा हुआ कि शीशे में मुझे दिख गया।

तो मैंने बोला कि भाभी सॉरी मुझे माफ़ कर दो.. में आपसे हाथ जोड़कर माफी माँगता हूँ.. प्लीज मुझे माफ़ कर दो। तो भाभी ने मेरे दोनों गालो पर थप्पड़ो की बरसात कर दी और कहने लगी कि आज तक मेरे पति यानी तुम्हारे भाई भी मुझे बिना मर्ज़ी के छू भी नहीं सकते और तुम ने तो मुझे नंगा देखने की हिम्मत की.. तुम्हारा तो में आज वो हाल करूँगी कि पूरी जिंदगी में कभी भी तुम मुझे बिना मेरी मर्ज़ी के आँख मिलकर भी नहीं देखोगे और मुझे फिर एक कसकर मेरे मुहं पर चांटा मारा। फिर मेरे मुहं पर चांटो से जलन होने लगी थी। में भाभी के आगे हाथ जोड़ने लगा प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. लेकिन भाभी ने तो शायद मेरा मुहं लाल करने की कसम खा रखी थी। चार और झनझनाते थप्पड़ मेरे मुहं पर बरसे और मैंने अपने मुहं पर हाथ रखा तो भाभी ने एक जोरदार लात मेरे लंड पर मारी और बोली कि जब तक में ना कहूँ तुम्हारा हाथ चहरे पर नहीं आना चाहिए।

मैंने कहा कि जी भाभी और मैंने अपना हाथ नीचे कर लिया। उसके बाद तो भाभी ने एक हाथ से मेरे सीधे कान को पकड़ा और उल्टे गाल पर कम से कम जमकर 40 ज़ोर से चांटे मारे.. फिर उल्टे गाल का भी यही हाल किया। फिर में तो भाभी के चांटो से बहुत परेशान हुआ पड़ा था और जब मेरे गाल पूरे लाल हो गये तो भाभी बोली कि शीशे में देखो। फिर में शीशे में देखते ही डर गया और मेरा मुहं भाभी के चांटो से लाल हुआ पड़ा था। तो भाभी बोली कि अभी तो कुछ भी नहीं हुआ अभी तो तुम्हारा वो हाल करूँगी कि पूरी जिंदगी याद रखोगे। फिर भाभी बोली कि चलो मेरे पैरो पर अपनी नाक रगड़ो। तो मैंने बोला कि भाभी नहीं में यह सब नहीं करूँगा। फिर भाभी बोली कि तो ठीक है आने दो तुम्हारे भैया को में उन्हें यह सब बता दूँगी कि तुम मुझे नंगा देख रहे थे और तुम्हारे माँ बाप को भी। तो यह बात सुनते ही में तो भाभी के पैरो में गिर पड़ा और उनके पैर पकड़ कर बोला कि नहीं भाभी प्लीज आप यह सब किसी को मत बताना। तो भाभी बोली कि जैसा में कहूँ चुपचाप वैसा करते जाओ। तो मैंने बोला कि ठीक है भाभी। तो भाभी बोली कि चलो मेरे पैरो पर नाक रगड़ो फिर में भाभी के पैरो पर नाक रगड़ने लगा।

तो भाभी बोली कि एक नहीं दोनों पैरो पर और फिर में उनके दोनों पैरो पर नाक रगड़ने लगा। कभी सीधे तो कभी उल्टे पैर पर और भाभी ने यह देखते ही मेरे बालों को ज़ोर से खींचा और ताबड़तोड़ मेरे मुहं पर थप्पड़ो की बरसात कर दी। मेरे चहरे पर भाभी के थप्पड़ो का पहले से ही इतना दर्द हो रहा था और भाभी ने तो थप्पड़ो की ऐसी बरसात कर दी कि में तो बस रो ही पड़ा। वैसे तो में बहुत सहनशील हूँ.. लेकिन भाभी ने इतनी कसकर थप्पड़ मारे थे कि मेरी अब शक्ति जवाब दे गयी और मेरी आँखो से आँसू आने लगे। तो भाभी बोली कि तुमने मेरे पैरो और सेंडल को गंदा कर दिया है इन्हे साफ करो। तो मेरे मना करने पर भाभी ने अपने सेंडल खुद ही उतारे और उसके बाद तो मेरे मुहं पर भाभी के सेंडल बरसने लगे। जितने भाभी ने मेरे चेहरे पर थप्पड़ मारे थे उससे भी ज़ोर से उन्होंने सेंडल मारे जिससे मेरे मुहं पर भी भाभी के सेंडलो के निशान पड़ गये और मेरे चहरे पर भाभी के सेंडल का नंबर 8 भी छप गया था।

फिर भाभी बोली कि अब मेरे तलवो को चाट कर साफ करो। तो में भाभी के तलवे चाटने लग गया.. लेकिन भाभी के तलवे बहुत ही गोरे और मुलायम थे जीभ लगते ही मुझे उनके तलवो का टेस्ट बहुत अच्छा लगने लगा था। फिर मैंने भाभी के तलवे चाट चाटकर साफ किए और फिर भाभी बोली कि यदि तुम यह चाहते हो कि में तुम्हारे भाई को यह बात ना बताऊँ तो जो में कहूँ आज के बाद वही करना और यह बात ध्यान रखना कि औरो के सामने तो में तुम्हारी भाभी हूँ और तुम्हारे सामने तुम्हारी मालकिन.. समझे? मैंने बोला कि जी भाभी समझ गया। फिर एक करारा थप्पड़ गाल पर पड़ा और भाभी बोली.. कहा ना कि तुम्हारे सामने तुम्हारी मालकिन। तो मैंने बोला कि जी मालकिन। तो भाभी बोली कि आज के बाद मेरे गुलाम बनकर रहना वरना में तुम्हारा क्या हाल करूँगी.. यह तुम बहुत अच्छी तरह जान गये होगे? फिर मैंने बोला कि जी मालकिन में हमेशा आपका गुलाम ही बनकर रहूँगा।

फिर भाभी बोली कि चलो अब पानी लेकर आओ और मेरे पैरो को भी साफ करो। तो में भाभी के पैरो को धोने के लिए पानी लेने गया और अपना चेहरा भी साफ करने लगा और जैसे ही में अपने चहरे को धोने लगा तो पीछे से भाभी ने एक जोरदार लात मेरी गांड पर मारी.. जिससे मेरा चेहरा नल की टूटी पर लगा जिससे मेरे नाक पर खून आने लगा। फिर भाभी जोर से चीखते हुए बोली कि मैंने तुम्हे अपने पैरो को धोने के लिए कहा था और तुम अपने चहरे को धो रहे हो.. तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसे हुई? मैंने कहा कि भाभी वो.. तो इस बार भाभी ने मेरे लंड पर लात मारी और बोली कि मैंने तुमसे पहले भी कहा था कि में तुम्हारी मालकिन हूँ। तो मैंने कहा कि सॉरी मालकिन और दर्द से मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था। तब भाभी बोली कि गुलाम हो गुलाम बनकर ही रहो और जैसा में कहूँ वैसा ही करो.. चलो पानी की बाल्टी उठाओ और मेरे साथ रूम में चलो। तो में बाल्टी उठाकर भाभी के रूम में चल पड़ा और रूम में जाकर भाभी सोफे पर बैठ गयी और मुझे अपने पैर धोने के लिए कहा। तो में उनके पैरो को धोने लगा और धो धो कर मैंने उनके पैरो को पहले से भी अधिक खूबसूरत बना दिया जिससे भाभी का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ।

फिर भाभी बोली कि अब तुम इस पानी से अपना मुहं धो सकते हो। फिर जिस पानी में मैंने अभी भाभी यानी कि मेरी मालकिन के पैरो को साफ किया था.. मैंने उस