loading...
Get Indian Girls For Sex
   


हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम रवि है.. में 21 साल का हूँ और मेरे घर में माँ, पापा, भाई और भाभी रहते है। में कोलकाता का रहने वाला हूँ और मैंने अपनी भाभी के साथ बहुत मज़े किए है। मेरी भाभी 29 साल की है और उनके एक 3 साल की बेटी है। मेरी भाभी का नाम कल्पना है और एक बेटी होने के बाद भाभी मोटी हो गयी है भाभी का फिगर 38, कमर 26, और गांड 42 की है और उनका कलर गोरा है।

भाभी घर में मेक्सी पहनती है और बाहर जाते वक्त साड़ी। अब में आप सभी का ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी की शुरुआत करता हूँ। फिर दोस्तों में जब से जवान होता गया तब से में औरतों को घूर घूरकर देखने लगा में उनके बूब्स, गांड पर ज्यादा ध्यान देने लगा और में मेरी भाभी के साथ सोना चाहता था.. इसलिए में हर रोज रात को भैया, भाभी के कमरे के बाहर खड़ा रहता था और वो रोज रात को जमकर चुदाई करते थे। मैंने एक दिन सोच लिया कि अब में भी भाभी को चोदकर रहूँगा.. लेकिन मुझे कोई मौका नहीं मिल रहा था और वैसे भी भाभी मुझसे फ्रेंक हो गयी थी और हम दोनों बहुत मस्ती मज़ाक करते रहते थे।

फिर एक दिन में सुबह नहाने गया तो मैंने देखा कि बाथरूम में एक ब्रा और लेडिस पेंटी पड़ी हुई थी और उसे देखकर मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो गया और में पेंटी को सूंघने लगा.. उसकी महक से में दीवाना हो गया और में उसे पहनकर मूठ मारने लगा और मुझे कंट्रोल नहीं हुआ.. तो मैंने वीर्य पेंटी में निकाल दिया। थोड़ी देर बाद मेरे पीछे भाभी नहाने गयी और वो नहाकर बाहर आई और मुझे देखकर हंसने लगी और में समझ गया कि जरुर भाभी ने मेरी करतूत देखी होगी.. भाभी मेरी तरफ देखकर बार बार हंस रही थी। दोपहर हो गई और भैया ऑफिस गये हुए थे.. पापा अपने एक दोस्तों के साथ बाहर घूमने गये थे और माँ सो रही थी। फिर भाभी और में टीवी देख रहे थे और तब भाभी ने मुझसे पूछ लिया कि मैंने उनकी पेंटी में क्या कर दिया? तो में शरमाया।

भाभी : देवरजी लगता है कि अब आपकी भी शादी कर देनी चाहिए।

में : क्या भाभी इतनी जल्दी?

भाभी : तो आप यह सब इतनी जल्दी क्यों करने लगे हो?

फिर हम थोड़ी देर चुप बैठे रहे और थोड़ी देर बाद।

भाभी : तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?

में : जी नहीं।

भाभी : तभी तो आप यह सब कर रहे हो।

में : भाभी क्या आप लेकर बैठ गये।

भाभी : आपको कैसी लड़की पसंद है?

में (सोचते हुए ) : भाभी आपकी जैसी भी चलेगी।

भाभी : क्यों ऐसा क्या है मुझमे?

में : सच बोलूं गुस्सा तो नहीं करोगी।

भाभी : अब बताओ भी।

में : भाभी आप बहुत सेक्सी हो।

भाभी : अच्छा तो आप मुझे ऐसी नज़र से देखते हो।

में : अरे में क्या सभी आपको ऐसे ही देखते है.. क्या आपको नहीं पता?

भाभी : हाँ मुझे सब पता है

में : आपको किस पर शक हुआ।

भाभी : तुम्हारे पापा मतलब मेरे ससुर पर.. वो मेरे पास आकर यहाँ वहाँ हाथ लगाते है।

में : क्या तो आपको अच्छा लगता है?

भाभी : अब में कुछ बोल भी नहीं सकती।

में : लेकिन वो कहाकहाँ पर हाथ लगाते है

भाभी : छोड़ो ना वो बात।

में : भाभी बताओ ना प्लीज़।

भाभी : वो पीछे तो कभी छाती को रगड़ते है

में : भाभी आपका कॉलेज में कोई बॉयफ्रेंड था

भाभी : नहीं बाबा कोई नहीं था.. लेकिन एक दो लड़को ने जरुर प्रपोज किया था।

में : भाभी, भैया रोज रात को करते है ना?

भाभी : क्या?

में : आपके साथ सेक्स

भाभी : देवरजी आप तो पागल हो गये हो।

में : भाभी बताओ ना करते है कि नहीं?

भाभी : हाँ बाबा करते है।

में : तो क्या आपको अच्छा लगता है?

भाभी : क्यों आपको नहीं लगता?

में : मुझे भी अच्छा लगता है.. लेकिन लड़कियों को लगता है या नहीं?

भाभी : लड़कियां भी वही चाहती है.. लेकिन देखती नहीं है।

में : सेक्स करते वक्त लड़कियां क्या चाहती है कि लड़का कैसा होना चाहिए?

भाभी : देवरजी आप बहुत आगे की पूछ रहे हो.. यह सवाल आप अपनी बीवी को पूछो.. समझे आप।

में : अरे भाभी बताओ ना में आपसे ही तो पूछ रहा हूँ।

भाभी : नहीं में नहीं बता सकती।

में : प्लीज़ भाभी प्लीज़ बताओ ना।

भाभी : ठीक है बाबा बताती हूँ.. लडकियाँ सिर्फ़ यह चाहती है कि लड़को का जो नीचे होता है ना वो बड़ा होना चाहिए।

में : लेकिन कितना बड़ा?

भाभी : अब वो दिखाकर ही बताना पड़ेगा।

में : तो मेरा दिखाओ ना।

भाभी : देवरजी आप अपना आपकी बीवी को दिखना.. किसी और को नहीं।

में : तो आप ऊपर से ही हाथ लगाकर बताओ कितना चाहिए।

भाभी : देवरजी आप चुप रहिए में नहीं बता सकती।

में : भाभी बताओ ना प्लीज़.. में थोड़ी ना आपके साथ कुछ करने वाला हूँ।

भाभी : आप भी ना देवरजी।

में : लगाओ ना हाथ और बताओ कितना चाहिए।

भाभी : ठीक है।

फिर भाभी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे तने हुए 7 इंच के लंड को महसूस करने लगी और भाभी ने अपनी दोनों आँखे बंद कर दी।

भाभी चोंक कर बोली कि देवरजी यह क्या है? इतना मोटा और इतना बड़ा यह तो किसी जानवर जैसा है।

फिर भाभी वहाँ से अपने रूम में चली गयी और तब तक शाम हो गयी.. पापा घर पर आए और माँ भी उठ गयी। फिर भाभी ने सब के लिए चाय बनाई और भाभी बाथरूम गयी और में भी उनके पीछे गया। भाभी ने दरवाजा बंद कर लिया था और में एक छोटे से होल से देखने लगा.. तो मैंने देखा कि भाभी ने अपनी मेक्सी ऊपर कर ली थी और वो अपनी चूत में उंगली कर रही थी। तो में समझ गया कि भाभी गरम हो चुकी है और में वहाँ से चला गया। तो दूसरे दिन फिर से दोपहर को माँ और पापा अपने कमरे में सोए थे और भाभी और में टीवी देखने बैठे थे और आज में भाभी को देखकर हंस रहा था।

भाभी : आज आप क्यों इतना हंस रहे हो?

में : ( हंसते हुए ) भाभी कल चाय बनाने के बाद आप बाथरूम में क्यों गयी थी?

भाभी : क्या मतलब?

में : भाभी मैंने होल में से सब देख लिया है ।

तो भाभी थोड़ा गुस्सा हो गयी और शरमाई भी।

भाभी : अब आपने बातें ही ऐसी की थी कि..

में : आप शादीशुदा होने के बाद भी कंट्रोल कर नहीं पाई और मेरी तो अभी तक शादी भी नहीं हुई है।

भाभी : हाँ बाबा ठीक है।

में : भाभी एक बात बताओ क्या आप शादी से पहले भी यह सब करती थी?

भाभी : हाँ बाबा करती थी.. हम लड़कियों को भी कंट्रोल नहीं होता.. अब आप चुप रहिए।

में : क्यों कल जैसे गरम होकर बाथरूम में जाओगी?

भाभी : प्लीज अब चुप कीजिए ना।

में : भाभी एक बात बताओ आप हमारी बातों से गरम हो गयी थी या मेरे उसको हाथ लगाकर।

भाभी : दोनों से और आपका किसी जानवर से कम नहीं है।

तो भाभी वहाँ से उठकर चली गयी.. लेकिन मुझे मौका नहीं मिल रहा था और ऐसे ही दिन निकलते गये और वो सुनहरा दिन आ ही गया.. जब भैया को ऑफिस के कम से 10 दिन दिल्ली जाना था और उसी वक्त माँ और पापा को हमारे गाँव जाना था.. वहाँ पर पापा के गाँव के दोस्त के लड़के की शादी थी और वो मुझे 5 दिन बाद वापस आने को कह रहे थे.. लेकिन भैया ने उनसे ज्यादा दिन रुकने के लिए कहा था और भाभी घर पर अकेली थी तो माँ अपनी पोती को लेकर चली गयी जो कि 3 साल की है। तो मुझे बहुत खुशी हो रही थी और भैया सुबह चले गये और माँ, पापा की शाम की ट्रेन थी और में उन्हें छोड़कर आया। तो तब तक रात हो चुकी थी और फिर हमने खाना खाया और अपने अपने कमरे में सो गये.. दूसरे दिन भाभी ने अपना सारा काम निपटाया और खाना खाकर अपने कमरे में जाकर सो गयी और सीधा शाम को बाहर आई और फिर उन्होंने चाय बनाई.. तब हम टीवी देख रहे थे।

में : भाभी आप आज दोपहर को टीवी देखने क्यों नहीं आई?

भाभी : देवरजी घर पर कोई नहीं है.. तो तब तक थोड़ा आराम ही कर लूँ.. बाकी दिन तो काम ही करने है।

में : लेकिन भा