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बहना को लंड से खेलना सिखाया - Sex stories in Hindi

बहना को लंड से खेलना सिखाया - Sex stories in Hindi : हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मीत है और में 21 साल का हूँ. में आज अपने और मेरी अंकल की लड़की के बारे में कुछ बताने जा रहा हूँ, या यूँ कहिए कि मेरी बहन गुड़िया के बारे में बताने जा रहा हूँ, वो मुझसे 3 साल छोटी है, लेकिन उसका फिगर कमाल का था और वो दिखने में बहुत सेक्सी थी. उसके बूब्स बहुत ही मस्त थे और बहुत ही सॉफ्ट थे.

में कई बार उसे अंजाने में छू लेता था, लेकिन वो तो इन सबके बारे में कुछ जानती ही नहीं थी, इसलिए मुझे कोई प्रोब्लम नहीं थी. में अक्सर उसे पकड़कर उठा लेता और इसी बहाने मुझे उसकी गांड और बूब्स दबाने का मौका मिलता था. में उसकी चूत को देखना चाहता था और उसे छूना चाहता था, लेकिन में समझ नहीं पा रहा था कि में इसके लिए क्या करूँ? फिर मैंने एक तरकीब सोची और हमारे बाथरूम के दरवाजे में एक छेद किया, ताकि जिससे में उसे नंगी देख सकूँ.

फिर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया, जब शाम का वक्त था और में घर में अकेला था. फिर मेरी बहन आई और मैंने उससे मज़ाक शुरू की, तुम बिना नहाए जैसी क्यों लग रही हो? तो उसने बोला कि में तो सुबह ही नहा ली थी. फिर मैंने कहा कि तुम में से बदबू आ रही है और ऐसा बोलकर में स्माईल करने लगा, तुम अभी नहा लो.

उसने कहा कि अच्छा ठीक है और फिर वो थोड़ी देर के बाद नहाने चली गई. अब उसे शक ना हो, इसलिए में तेज आवाज़ में टी.वी. देखने लगा था. फिर जैसे ही वो बाथरूम में गई तो मैंने अपनी आँखे उस छेद पर चिपका दी, जो उस दरवाजे पर था. फिर मैंने अंदर देखा तो वो अपने कपड़े उतार रही थी, उसने सबसे पहले अपना फ्रोक निकाला और बाद में उसने अपनी ब्रा भी निकाली, क्या बूब्स थे उसके? उसके बूब्स एकदम छोटे और गोरे-गोरे थे.

अब मेरा तो लंड टाईट हो गया था. फिर बाद में उसने अपनी पेंटी भी निकाली. अब में तो अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. उसकी चूत पर एकदम छोटे-छोटे बाल थे और उसकी चूत एकदम फूली हुई और मस्त थी. फिर वो शॉवर के नीचे खड़ी हो गई और फिर उसने शॉवर चालू किया. अब पानी उसके सिर से होकर उसके बूब्स पर जाकर नीचे उसकी मस्त गांड पर आ रहा था. अब वो अपने हाथों से अपने बूब्स को दबा रही थी. फिर बाद में उसने साबुन लिया और उसे अपने पूरे बदन पर मलना शुरू किया. अब वो धीरे-धीरे अपने पूरे बदन पर अपना हाथ फैर रही थी और में यह सब दरवाजे के छेद में से देख रहा था.

अब मेरी तो हालत खराब हो रही थी, अब वो मुझसे सिर्फ 2 फुट की दूरी पर थी, लेकिन में उसे छू भी नहीं सकता था. अब में कोई भी ऐसा वैसा कदम नहीं उठा सकता था, क्योंकि मेरे मम्मी और पापा को ये बात पता चली तो मेरी ख़ैर नहीं समझो.

फिर थोड़ी देर के बाद उसने फिर से शॉवर चालू किया और साबुन निकालने लगी. फिर बाद में जो हुआ उसे देखकर तो में दंग ही रह गया. अब वो शॉवर के नीचे खड़े-खड़े अपनी दो उँगलियों से अपनी चूत को मसल रही थी. अब में तो चौंक गया था और मुझे लगा कि यह एक सपना है, लेकिन नहीं यह सच था. अब वो हस्तमैथुन कर रही थी, यानी कि हस्तमैथुन कर रही थी.

फिर मैंने देखा कि उसे इसमें बहुत मज़ा आ रहा था और उसके चेहरे के एक्सप्रेशन को देखकर में तो दंग रह गया था. अब वो सिसकियां भर रही थी. फिर करीब 10 मिनट तक वो अपनी चूत को मसलती रही और बाद में वो एकदम से उत्तेजित हुई और शांत हो गई. अब में समझ गया था कि मेरी सीधी और भोली बहन गुड़िया अब छोटी नहीं रही थी, अब भी उसकी चूत में खुजली हो रही थी और अब में तो बहुत खुश था.

फिर उसके बाद में अपना काम करने लगा, लेकिन दोस्तों यह बात तो है कि लड़की के बूब्स जब बड़े हो जाते है, तो उन्हें हमेशा कोई ना कोई दबाने वाला चाहिए होता और जब घर में ही सुविधा हो तो कोई बाहर क्यों जाए? कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो तुम्हारी बहन है कि या कोई और है, आख़िर वो भी तो एक लड़की है.

उसकी भी सब इच्छा होती है और अगर वो यह करने के लिए बाहर किसी को मौका देती है, तो इसमें अपनी ही इज्जत खराब होती है, तो यह तो अच्छी बात है कि दोनों सेक्स के लिए एक दूसरे की मदद करे. फिर में उसके ख्यालों में अपना लंड हिलाता-हिलाता सो गया. अब मेरे ख्यालों में कभी वो मेरे ऊपर होती थी, तो कभी में उसके ऊपर होता था. वो बार-बार बोल रही थी कि मीत भैया आपके साथ बहुत मज़ा आता है और इन्हीं ख्यालों में सुबह हो गई थी.

आज तो मैंने सोच लिया था कि कुछ ना कुछ ऐसा किया जाए कि जिससे में उसकी मदद कर सकूँ, वो जो बाथरूम में कर रही थी ना उस काम में. हमारे घर के दूसरे फ्लोर पर उसका रूम था और उसके पास में मेरा रूम था. फिर मैंने सोचा कि जो छोटी लड़की बाथरूम में यह सब करती है, वो अकेले में तो क्या करती होगी? फिर मैंने उसके रूम में देखने के लिए एक कुर्सी ली और उसके रूम के दरवाजे के पास की खिड़की के नीचे रखी, जिससे पूरा रूम दिखता था.

फिर में धीरे से ऊपर हुआ तो मैंने देखा कि वो सो रही है. फिर में वापस नीचे उतरने लगा, लेकिन उसी वक्त उसने अपना एक हाथ अपनी स्कर्ट में डाला. अब में समझ गया था कि कुछ सीन देखने को मिलने वाला है. फिर मैंने देखा कि वो हस्तमैथुन कर रही है. फिर उसी वक्त मैंने उसके दरवाजे की बेल बजाई तो उसने आवाज़ लगाई कौन है? तो मैंने ज़ोर से कहा कि दरवाजा खोलो, तो उसने दरवाजा खोला. फिर मैंने उससे गुस्से से पूछा कि तुम क्या कर रही थी? मैंने सब देखा है तो वो एकदम से डर गई.

फिर मैंने कहा कि में पापा को बोलने वाला हूँ कि तुम अपने रूम में यह सब करती हो. फिर वो चुपचाप खड़ी रही और फिर एकदम से बोली कि भैया प्लीज किसी को कुछ मत बताना. फिर मैंने कहा कि में उसकी कोई बात नहीं सुनने वाला हूँ. फिर वो रोने जैसी हो गई कि भैया प्लीज किसी को कुछ मत बताना. फिर मैंने कहा कि चलो मान लो कि में ना बताऊँ, लेकिन उसमें मुझे क्या मिलेगा? फिर गुड़िया बोली कि आप जो बोलोगे वो में करूँगी, बस में यही तो सुनना चाहता था. फिर मैंने उसे बेड पर बैठाया और उसे मेरे पास बैठने को बोला.

फिर मैंने उसे अपनी गोद में बैठाया और अब उसकी मुलायम गांड मेरे लंड को टच कर रही थी. फिर मैंने कहा कि मैंने सब देखा है, जो तुम कर रही थी, लेकिन क्या तुम मुझे नहीं बताओंगी कि तुम क्या कर रही थी? तो वो शर्माने लगी. फिर मैंने कहा कि तुम बताती हो कि में पापा को आवाज़ दूँ. फिर वो बोली कि में सब बताती हूँ, में है ना खुजा रही थी बस. फिर मैंने कहा कि अच्छा में भी तो देखूं कहाँ खुजा रही थी? फिर वो बोली कि यहाँ, वो अपनी चूत की तरफ इशारा करके बोली.

फिर मैंने कहा कि अभी तो मेरी एक ही शर्त है कि में पापा से यह बात ना कहूँ, तो वो बोली क्या? फिर मैंने कहा कि एक बार में भी वहाँ खुजाना चाहता हूँ. फिर वो बोली नहीं और फिर मैंने कहा कि तो फिर ठीक है, अब पापा को जवाब देना ओके, में जा रहा हूँ. फिर वो बोली कि अच्छा ठीक है, लेकिन ऊपर से तो मैंने कहा कि हाँ ओके.

फिर मैंने उसे अच्छी तरह से अपनी गोद में बैठाया और अपना एक हाथ उसकी चूत पर रखा और उसे मसलना शुरू किया. अब वो बहुत शर्मा रही थी और अब उसने अपना मुँह भी छुपा लिया था. फिर मैंने और ज़ोर से उसक