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मेरी बीवी की चूत में दो लंड आगे एक पीछे - अपना लंड उसके हाथ में दे दिया

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दोस्तों मुझे आप सभी चुदक्कड भी कह सकते हैं क्योंकि में बचपन से ही चूत का बहुत शौकीन रहा हूँ.. कभी कभी मैंने अपनी सोती हुई बहन की चूत को सूँघा है तो कभी अपनी माँ की पेंटी को। (Read more >>> क्या आपका लिंग खड़ा होना बंद हो गया है ? विडियो देखे लंड खड़ा करने के तरीके) मेरे काले लंड में एक इस्प्रिंग है जब देखो जहाँ देखो खड़ा हो जाता है और हर जगह गांड और चूत ढूंढ़ता फिरता है। लेकिन मेरी सबसे मन पसंद एक ही है मेरी जानू चुड़क्कड़ अनुपमा.. मतलब मेरी बीवी। अनुपमा एक जवान २१ साल की मस्त गदराई हुई गांड, बड़ी बड़ी चूची, रसीले होंठ और काली गुलाबी रसभरी चूत। अनुपमा से मेरी मुलाकात पहली बार एक मॉल में हुई थी.. आज से ठीक ४ साल पहले मॉल में अपनी मोटी मोटी गांड मटकाती हुई घूम रही थी और सबके लंड में आग लगा रही थी। फिर मेरे लंड को ना जाने क्या सूझी और उसके पीछे पीछे चल दिया.. मुझे याद है वो त्यौहारों का समय था और मॉल में भीड़ बहुत ज़्यादा थी और वो आगे आगे और में उसके पीछे। तभी मौके का फायदा उठाते हुए मैंने उसकी गांड पर हाथ मसल दिया.. वाह! क्या मोटे चूतड़ थे उसके.. मेरे लंड में तो करंट ही दौड़ गया।

शायद उसके चूतड़ में भी खुजली हुई और उसने अपनी ऊँगली को अपनी पेंटी के अंदर सेट किया.. फिर उसकी गांड की लकीर देखकर मुझे तो मेरी तक़दीर पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं हो रहा था। यह तो बस पहली मुलाक़ात थी और फिर बात बनती गई और हमारे लंड चूत का मिलन होता गया। आज हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं और एक दूसरे की चूत, गांड और लंड, बूब्स सबका बहुत ध्यान रखते हैं। मेरे पूरे मोहल्ले में मेरी चुड़क्कड़ जानू का चर्चा होता रहता है और हर कोई उसका नाम लेकर अपनी बीवियों और रंडियों को बहुत चोदता है। हमारी गली का हाल तो यह है कि धूप में सूखती हुई उसकी ब्रा पेंटी तक लोग चुरा ले जाते हैं। कोई मूठ मारकर उन्हे वापस हमारे घर पर फेंक जाता है तो कोई उन्हें काम में लेता रहता है और में तो ना जाने कितनी जोड़ी ब्रा पेंटी ला चूका हूँ और चुदाई के समय फाड़ भी चूका हूँ। वो खुद भी बहुत खरीद कर लाती है और यहाँ तक कि मेरे पिता जी भी मेरी अनुपमा के नाम की ही मुठ मारते हैं और मुझे यह सब देखकर बहुत खुशी मिलती है.. मेरी जान बहुत मस्त है.. ऐसे ही किसी को अपने पास फटकने नहीं देती।

यह बात इसी साल की है.. सारा शहर नये साल की तैयारियों में डूबा पड़ा था और ना जाने मेरी चुड़क्कड़ जानू के मन में ना जाने क्या था? इस बार वो बाहर जाने की जिद भी नहीं कर रही थी.. वर्ना उससे बहुत पसंद है बाहर डिस्को जाना और क्योंकि वहाँ पर सभी लड़के उसको घूरते हैं और मौका मिलने पर हाथ भी डालते हैं। फिर उस दिन में सारा दिन घर पर ही था और अनुपमा सूबह से ही नंगी घूम रही थी | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | वो घर पर अधिकतर नंगी ही रहती है। तो मुझे जब भी मौका मिलता में उसकी चूची दबा देता या गांड में उंगली कर देता। तभी शाम होते ही मैंने मेरी जानू से कहा कि आज कहीं चलना नहीं है क्या? आज 31 दिसम्बर है और सारे मोहल्ले वाले सभी लोग बाहर गये हुए है कहीं ना कहीं घूमने.. तो क्या हम भी चलें? तभी उसने कहा कि नहीं.. मन नहीं है। आज हम घर पर ही नया साल मनाते हैं। अब मुझे सुनकर बड़ी हैरानी हुई.. लेकिन जैसा मेरी बीवी कहेगी वैसा ही होगा.. तो मैंने वाईन की बॉटल निकाली और अनुपमा के लिए एक पेग बना दिया और हम वैसे कुछ ख़ास पीते नहीं लेकिन आज सेलिब्रेशन के मूड में थे और उसने एक छोटी सी स्कर्ट पहनी थी.. जिसमे उसके चूतड़ नहीं छुप रहे थे और उसके नीचे जाली वाली पीले रंग की पेंटी चूतड़ो के बीच में चिपक रही थी और मोटे बूब्स उसके टाईट टॉप से बाहर निकलने को बैचेन थे

फिर मैंने अपने हाथों से उसको वाईन पिलाई और उसके होंठों को चूसने लगा। अब अनुपमा की चूत में भी आग लगने लगी थी और उससे अब रहा नहीं जा रहा था। फिर उसने कहा कि जान चलो कहीं बाहर घूम कर आते हैं। में कार निकालने लगा.. लेकिन अनुपमा ने कहा कि नहीं बाईक पर चलेंगे। मुझे तुम्हारे पीछे चिपककर बैठाना है। फिर में मुस्कुराया और मैंने बाईक निकाल ली उसने अपने चूतड़ उठाए औट बाईक की सीट पर रख दिए उसके मोटे मोटे बूब्स मुझे अपनी पीठ पर चुभते हुए महसूस हो रहे थे और मुझे बहुत मजा आ रहा था। लेकिन यह मजा जब तक में पूरा लेता.. उससे पहले सुनसान रास्ते पर दो पुलिस वालों ने हाथ देकर मुझे रुकने को कहा और मैंने तुरन्त ब्रेक लगाए और बाईक एक साइड में लगा दी। अनुपमा अब भी नशे में थी। पुलिस वालों ने हमे घूरते हुए कहा कि कहाँ से अय्याशी करके आ रहा है तू और यह रंडी बैठा रखी है.. क्या चुदाई करने ले जा रहा है इसे? फिर मैंने गुस्से से कहा कि यह मेरी वाईफ है। फिर पुलिस वाला बोला कि तो साले मैंने कब कहा की ये मेरी है। तू रात को घूम रहा है.. क्या तुझे पता नहीं इतनी रात घूमना ठीक नहीं है और तुमने क्या दारू पी रखी है.. साले दारू पीकर गाड़ी चलाता है.. अंदर करूंगा.. उससे दूसरे पुलिस वाले से कहा कि अरे शर्मा इसको पकड़ कर चेक कर साले ने दारू पी रखी है। पंप ला और इसके मुँह में लगा और उस पुलिस वाले ने मेरे मुँह में चेक करने के लिए पंप लगाया और फिर उस पुलिस वाले ने कहा कि शर्मा दूसरा पंप और दे इस लड़की का भी मुहं चेक करना है।

शर्मा : दुबे यार दूसरा तो नहीं है एक इसके मुँह में दे रखा है। दुबे : अच्छा लेकिन चेक तो करना पड़ेगा.. अभी देता हूँ इसके मुँह में पंप (हंसते हुए उसने अपना काला लंबा मोटा लंड मेरी बीवी अनुपमा के मुँह में दे दिया)